
इज्ज़त सिर्फ उन लोगो की मत करो जो आपसे उमर में बड़े हो बल्कि इज्ज़त उन लोगो की करो जो सच में उसके लायक है फिर चाहे वो आपसे बड़े हो या छोटे
रविवार, 24 सितंबर 2017
अधिवक्ता (Advocate) अधिनियम 1961 Mohd Javed

सोमवार, 14 अगस्त 2017
(वन्देमातरम का हिन्दी-काव्यानुवाद)
सामूहिक राष्ट्रगान
(वन्दे मातरम का हिन्दी-काव्यानुवाद)
जलवायु अन्न सुमधुर, फल फूल दायिनी माँ!, धन धान्य सम्पदा सुख,गौरव प्रदायिनी माँ!!
शत-शत नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!
अति शुभ्र ज्योत्स्ना से, पुलकित सुयामिनी है। द्रुमदल लतादि कुसुमित, शोभा सुहावनी है।।
यह छवि स्वमन धरें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!
हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!
कसकर कमर खड़े हैं, हम कोटि सुत तिहारे। क्या है मजाल कोई, दुश्मन तुझे निहारे।।
अरि-दल दमन करें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!
हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!
तू ही हमारी विद्या, तू ही परम धरम है। तू ही हमारा मन है, तू ही वचन करम है।।
तेरा भजन करें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!
हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!
तेरा मुकुट हिमालय, उर-माल यमुना-गंगा। तेरे चरण पखारे, उच्छल जलधि तरंगा।।
अर्पित सु-मन करें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!
हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!
बैठा रखी है हमने, तेरी सु-मूर्ति मन में। फैला के हम रहेंगे, तेरा सु-यश भुवन में।।
गुंजित गगन करें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!
हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!
पूजा या पन्थ कुछ हो, मानव हर-एक नर है। हैं भारतीय हम सब, भारत हमारा घर है।।
ऐसा मनन करें हम, हे मातृभूमि भारत! तुझको नमन करें हम, हे मातृभूमि भारत!!
हे मातृभूमि भारत! हे पितृभूमि भारत!!
मंगलवार, 25 जुलाई 2017
सपने में सेक्स करने का ये होता हैं मतलब…
शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
Motivational story
मंगलवार, 18 जुलाई 2017
Mohd Javed Swimmer
रविवार, 16 जुलाई 2017
Real & important story
..पेज जरूर like करे..
आपको यह कहानी कैसी लगी, हमें जरुर बताएं। और इसे शेयर करके अपने दोस्तों तक भी पहुंचाए। हो सकता है कि आपके इस प्रयास से किसी का जीवन संवर जाए।
शनिवार, 24 जून 2017
(IAS) Optional Subjects Syllabus: (Law)
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
-
गुलशने हिन्द को शोलों से बचाना होगा आतिशे बुग्ज़ ओ अदावत को बुझाना होगा हकीकत में आज़ादी का जश्न मनाने के लिए, हर दिल मे प्यार का दीप जलान...
-
वह हमारे इदारे हमसे ही छीन कर चाहते हैं हम कलाम साहब जैसे बने

